Posts

भोजन स्वास्थ्य एवं रोग 7

Image
 

लाभदायक एवं हानिकारक पौधे क्लास 7

Image
 

पौधे में जनन

Image
  पौधों में जनन: सारांश (Summary Notes) जनन का प्रकार मुख्य विधियाँ / अंग प्रमुख उदाहरण / मुख्य बिंदु अलैंगिक जनन (Asexual) • विखंडन (Fragmentation) • मुकुलन (Budding) • बीजाणु निर्माण (Spore Formation) • स्पाइरोगायरा • यीस्ट • राइजोपस (ब्रेड मोल्ड), फर्न (उत्पन्न संतति जनक का क्लोन होती है) वर्धी प्रवर्धन (Vegetative) • जड़, तना, पत्ती द्वारा प्राकृतिक प्रवर्धन • कलम, दाब, रोपण (Grafting), ऊतक संवर्धन • तना: आलू, अदरक, प्याज • जड़: शकरकंद, डहेलिया • पत्ती: ब्रायोफिल्लम (पत्थरचट्टा) लैंगिक जनन (Sexual) • नर अंग: पुंकेसर (परागकोश + तंतु) • मादा अंग: स्त्रीकेसर (वर्तिकाग्र + वर्तिका + अंडाशय) • परागकण नर युग्मक बनाते हैं • बीजांड में मादा युग्मक (अंड कोशिका) बनती है मुख्य प्रक्रियाएँ एवं घटनाक्रम परागण (Pollination): परागकणों का परागकोश से वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण। माध्यम: वायु (घास, मक्का), जल (वैलिसनेरिया), कीट (गुलाब, सरसों), पक्षी। द्विनिषेचन (Double Fertilization - केवल आवृतबीजी में): युग्मक संलयन (Syngamy): नर युग्मक + अंड कोशिका \rightarrow युग्मनज (2n) ...

जंतुओं एवं पौधे में परिवहन क्लास7

Image
  जंतुओं एवं पौधों में परिवहन (परिसंचरण) और वातावरण का संबंध ​जीवधारियों में पोषक तत्वों, गैसों (O_2 और CO_2), जल और अपशिष्ट पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने की प्रक्रिया को परिवहन (Transport) कहते हैं। यह प्रणाली सीधे तौर पर बाहरी वातावरण और जलवायु परिस्थितियों से प्रभावित और नियंत्रित होती है। ​संक्षिप्त सारांश (Short Notes) ​ 1. पौधों में परिवहन एवं वातावरण ​ जाइलम (Xylem): जड़ों द्वारा अवशोषित जल और खनिजों को पत्तियों तक पहुँचाता है। ​ फ्लोएम (Phloem): पत्तियों में बने भोजन को पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँचाता है (स्थानांतरण)। ​ वाष्पोत्सर्जन (Transpiration): रंध्रों (Stomata) द्वारा अतिरिक्त जल का वाष्प बनकर उड़ना। यह खिंचाव बल (Suction pull) उत्पन्न कर जल को ऊपर खींचता है। ​ वातावरणीय संबंध: उच्च तापमान, तेज हवा और कम आर्द्रता वाष्पोत्सर्जन की दर को बढ़ाते हैं, जिससे स्थानीय वातावरण में नमी और शीतलन (Cooling effect) बना रहता है। मरुस्थलीय पौधे वाष्पोत्सर्जन घटाने के लिए पत्तियों को कांटों में बदल लेते हैं। ​ 2. जंतुओं में परिवहन एवं वातावरण ​ र...

जंतुओं में स्वसन क्लास7

Image
 

जंतुओं में पोषण क्लास7

Image
 

पौधों में पोषण क्लास7

Image
  कक्षा 7 विज्ञान — अध्याय: पौधों में पोषण (Nutrition in Plants) अध्याय का संक्षिप्त सार (Quick Revision Notes)  * पोषण (Nutrition): सजीवों द्वारा भोजन ग्रहण करने तथा उसका शरीर की वृद्धि, विकास और मरम्मत के लिए उपयोग करने की प्रक्रिया को पोषण कहते हैं।  * पोषण की दो मुख्य विधियाँ:    * स्वपोषी पोषण (Autotrophic Nutrition): वे जीव जो अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, स्वपोषी कहलाते हैं (उदा. हरे पौधे)।    * विषमपोषी पोषण (Heterotrophic Nutrition): वे जीव जो पोषण के लिए अन्य जीवों पर निर्भर रहते हैं (उदा. जंतु, कवक, अमरबेल)। 1. प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis): पौधों की भोजन फैक्ट्री हरे पौधे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड (CO_2) और जल (H_2O) से ग्लूकोज (कार्बोहाइड्रेट) और ऑक्सीजन (O_2) बनाते हैं।  * पर्णहरिम (Chlorophyll): पत्तियों में पाया जाने वाला हरा वर्णक, जो सौर ऊर्जा को अवशोषित करता है।  * रंध्र (Stomata): पत्तियों की सतह पर पाए जाने वाले सूक्ष्म छिद्र, जो गैसों के विनिमय (CO_2 लेना और O_2 छोड़ना) का कार्य करते हैं। 2. पौधों...

Usma avm tap

Image
  कक्षा 7 विज्ञान (UP Board) — अध्याय: ऊष्मा (Heat) अध्याय का संक्षिप्त सार (Short Notes) ऊष्मा (Heat): ऊष्मा ऊर्जा का एक रूप है, जो वस्तु के गर्माहट या ठंडेपन का अनुभव कराती है। इसका प्रवाह सदैव उच्च ताप वाली वस्तु से निम्न ताप वाली वस्तु की ओर होता है। ताप (Temperature): किसी वस्तु की गर्माहट या ठंडेपन की माप को ताप कहते हैं। इसे मापने के लिए थर्मामीटर (तापमापी) का उपयोग किया जाता है। ताप की मानक इकाई डिग्री सेल्सियस (°C) या केल्विन (K) है। तापमापी के प्रकार: डॉक्टरी थर्मामीटर: मानव शरीर का ताप मापने हेतु (परास: 35°C से 42°C या 94°F से 108°F)। स्वस्थ मनुष्य के शरीर का सामान्य ताप 37°C (98.6°F) होता है। प्रयोगशाला थर्मामीटर: पदार्थों का ताप मापने हेतु (सामान्य परास: -10°C से 110°C)। ऊष्मा स्थानांतरण की विधियाँ: चालन (Conduction): ठोस पदार्थों में माध्यम के कणों के बिना अपना स्थान छोड़े ऊष्मा का संचरण (उदा. लोहे की छड़ का गर्म होना)। संवहन (Convection): द्रव और गैसों में माध्यम के कणों की गति द्वारा ऊष्मा का संचरण (उदा. पानी का उबलना, समुद्री समीर व थल समीर)। ...

भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन क्लास7

Image
  कक्षा 7 विज्ञान | भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन (Physical and Chemical Changes) भाग 1: संकल्पना और वर्गीकरण (Core Scientific Concepts) प्रकृति में होने वाले परिवर्तनों को उनके आणविक व्यवहार, आंतरिक संगठन और उत्क्रमणीयता के आधार पर मुख्य रूप से दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है: 1. भौतिक परिवर्तन (Physical Change) परिभाषा: ऐसा परिवर्तन जिसमें केवल पदार्थ के भौतिक गुणों (आकार, आमाप, रंग, अवस्था) में बदलाव होता है, परंतु कोई नया पदार्थ नहीं बनता । प्रमुख लक्षण: आंतरिक रासायनिक संघटन अपरिवर्तित रहता है। यह प्रायः उत्क्रमणीय (Reversible) और अस्थायी (Temporary) होता है। आणविक संरचना में कोई बदलाव नहीं होता; केवल अणुओं के बीच की दूरी या विन्यास बदलता है। वैज्ञानिक उदाहरण: जल का जमना या वाष्पीकरण  मोम का पिघलना (केवल अवस्था परिवर्तन: ठोस से द्रव)। शर्करा या नमक का जल में घुलना। लोहे के टुकड़े का चुंबकन (Magnetization)। 2. रासायनिक परिवर्तन (Chemical Change) परिभाषा: ऐसा परिवर्तन जिसमें एक या एक से अधिक नए पदार्थ (विशिष्ट रासायनिक गुणों वाले) बनते हैं। ...

रेशों से वस्त्र तक क्लास7

Image
  कक्षा 7 विज्ञान | पाठ: रेशों से वस्त्र तक (Fibre to Fabric) मुख्य अवधारणाएँ (Core Scientific Summary) रेशे (Fibres): वस्त्र निर्माण की मूल इकाई। पादप रेशे: कपास (रूई), पटसन (जूट)। जांतव रेशे (Animal Fibres): जंतुओं से प्राप्त रेशे— ऊन (Wool) एवं रेशम (Silk) । ये दोनों मुख्य रूप से प्रोटीन से बने होते हैं। 1. ऊन प्रदान करने वाले जंतु एवं प्रक्रिया स्रोत: भेड़, बकरी (अंगोरा, कश्मीरी), याक (तिब्बत और लद्दाख), ऊँट, लामा और ऐल्पेका (दक्षिण अमेरिका)। भेड़ की त्वचा पर बाल: दाढ़ी के रूखे बाल। त्वचा के निकट स्थित मुलायम महीन बाल (इन्हीं से ऊन बनती है)। वर्णात्मक प्रजनन (Selective Breeding): अच्छी गुणवत्ता वाले रेशे युक्त संतानों की प्राप्ति के लिए विशेष गुणों वाले जनकों का चयन करना। ऊन बनाने के क्रमिक चरण: कटाई (Shearing): भेड़ की त्वचा की सबसे ऊपरी मृत परत के साथ बालों को उतारना (यह प्रक्रिया आमतौर पर गर्मी के मौसम में होती है ताकि भेड़ को ठंड न लगे)। अभिमार्जन (Scouring): कटी हुई त्वचा और बालों को टंकियों में धोकर धूल, गर्द और चिकनाई निकालना। छँटाई (Sorti...

पदार्थ की संरचना क्लास7

Image
  मुख्य प्रकृति (Structure of Matter) भाग 1: मुख्य सारांश (Concept Notes) 1. पदार्थ (Matter) क्या है? जो वस्तु स्थान घेरती है, जिसमें द्रव्यमान (भार) होता है और जिसका अनुभव हम अपनी ज्ञानेंद्रियों द्वारा कर सकते हैं, उसे पदार्थ कहते हैं। 2. पदार्थ की सूक्ष्म संरचना (Atomic Structure) अणु (Molecule): पदार्थ का वह सूक्ष्मतम कण जो स्वतंत्र अवस्था में रह सकता है तथा जिसमें पदार्थ के सभी गुण विद्यमान होते हैं। परमाणु (Atom): किसी तत्व का वह सूक्ष्मतम कण जो रासायनिक क्रिया में बिना अपघटित हुए भाग लेता है, परंतु सामान्यतः स्वतंत्र अवस्था में नहीं रहता। परमाणु के मूलभूत कण: प्रोटॉन (p^+): धनावेशित कण (खोज: रदरफोर्ड / गोल्डस्टीन)। इलेक्ट्रॉन (e^-): ऋणावेशित कण (खोज: जे. जे. थॉमसन)। न्यूट्रॉन (n^0): उदासीन/आवेशहीन कण (खोज: जेम्स चैडविक)। नाभिक (Nucleus): परमाणु के केंद्र में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते हैं, जबकि इलेक्ट्रॉन इसके चारों ओर कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं। 3. पदार्थ के मूल घटक एवं वर्गीकरण तत्व (Element): एक ही प्रकार के परमाणुओं से बने शुद्ध पदार्थ (उदा. लोहा-Fe, ताँबा-Cu, ऑक्सीजन-O_2...

मानव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लास 7

Image
  मुख्य सारांश (Quick Notes) ​ विज्ञान और प्रौद्योगिकी का संबंध: विज्ञान के नियमों एवं सिद्धांतों के अनुप्रयोग से मानव कल्याण में विभिन्न संसाधनों का निर्माण ही प्रौद्योगिकी (Technology) कहलाता है। ​ यातायात के साधन: परंपरागत साधन (बैलगाड़ी, ताँगा) के स्थान पर आधुनिक साधन (कार, बस, रेलगाड़ी, वायुयान, ई-रिक्शा, मेट्रो)। ​ संचार के क्षेत्र में: पत्र, डाक के स्थान पर स्मार्टफोन, इंटरनेट, ई-मेल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, 4G/5G तकनीक। ​ चिकित्सा के क्षेत्र में: आधुनिक जाँच तकनीकें जैसे एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई (MRI), और आधुनिक औषधियाँ। ​ कृषि के क्षेत्र में: उन्नत बीज, रासायनिक उर्वरक, ट्रैक्टर, थ्रेशर, हार्वेस्टर एवं सौर ऊर्जा आधारित नलकूप। ​ हरित क्रांति (Green Revolution): आधुनिक कृषि उपकरणों, उन्नत बीजों (HYV), कीटनाशकों और उर्वरकों के उपयोग से खाद्यान्न उत्पादन में अत्यधिक वृद्धि। (भारत में इसके जनक डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन हैं)। ​ वैज्ञानिक क्रांतियाँ: ​ श्वेत क्रांति: दुग्ध उत्पादन में वृद्धि (डॉ. वर्गीज कुरियन)। ​ पीली क्रांति: तिलहन उत्पादन। ...

कंप्यूटर 6,7,8 क्लास

Image
  शॉर्ट नोट्स (Quick Revision Notes) कंप्यूटर क्या है?: यह एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो यूज़र से डेटा (इनपुट) लेता है, उसे प्रोसेस करता है और उपयोगी परिणाम (आउटपुट) देता है। इसका चक्र IPO (Input \rightarrow Process \rightarrow Output) कहलाता है। हार्डवेयर बनाम सॉफ्टवेयर: हार्डवेयर: कंप्यूटर के वे भौतिक भाग जिन्हें हम छू और देख सकते हैं (जैसे: कीबोर्ड, माउस, मॉनिटर, CPU, हार्ड डिस्क)। सॉफ्टवेयर: निर्देशों और प्रोग्रामों का समूह जो हार्डवेयर को निर्देश देता है (जैसे: MS Office, Paint, Windows, Chrome)। CPU (Central Processing Unit): इसे "कंप्यूटर का मस्तिष्क" कहा जाता है। इसके तीन मुख्य भाग होते हैं: ALU (Arithmetic Logic Unit): गणितीय और तार्किक गणना करता है। CU (Control Unit): डेटा के प्रवाह को नियंत्रित करता है। MU (Memory Unit): डेटा को अस्थायी/स्थायी रूप से सुरक्षित रखता है। मेमोरी के प्रकार: RAM (Random Access Memory): अस्थायी (Volatile) मेमोरी – कंप्यूटर बंद होते ही डेटा मिट जाता है। ROM (Read Only Memory): स्थायी (Non-volatile) मेमोरी – सिस्टम बूटिंग निर्देश सुरक्षित रखत...

ऊर्जा के वैकल्पिक सोर्स

Image
  कक्षा 8 विज्ञान: ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत (Alternative Sources of Energy) वैकल्पिक (नवीकरणीय) ऊर्जा स्रोत: ऊर्जा के वे प्राकृतिक स्रोत जो कभी समाप्त नहीं होते और जिनका दोबारा उपयोग किया जा सकता है। इन्हें 'गैर-पारंपरिक स्रोत' भी कहते हैं। सौर ऊर्जा (Solar Energy): सूर्य से प्राप्त प्रकाश और ऊष्मा ऊर्जा। इसका उपयोग सोलर कुकर, सोलर सेल और सोलर वाटर हीटर में होता है। सोलर सेल: मुख्य तथ्य ऊर्जा निर्माण: सोलर सेल फोटोवोल्टिक प्रभाव (Photovoltaic Effect) पर काम करता है। जब सूर्य की किरणों के फोटॉन सेल पर पड़ते हैं, तो इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह शुरू होता है और डायरेक्ट करंट (DC) उत्पन्न होता है। वोल्टेज आउटपुट: एक मानक सिंगल सिलिकॉन सेल लगभग 0.5 से 0.6 वोल्ट का वोल्टेज उत्पन्न करता है। आवश्यक वोल्टेज और करंट पाने के लिए कई सेल्स को जोड़कर सोलर पैनल बनाया जाता है। पदार्थ: यह मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर सामग्री, विशेषकर सिलिकॉन (मोनोक्रिस्टलाइन या पॉलीक्रिस्टलाइन) का बना होता है। नई रिसर्च व तकनीक: वर्तमान में उच्च दक्षता के लिए पेरोव्स्काइट (Perovskite) सोलर सेल, दोनों तरफ से धूप सोखने वाले...

विद्युत धारा क्लास 8

Image
तुल्य प्रतिरोध सूत्र: R = R_1 + R_2 + R_3 + \dots दैनिक उपयोग: त्योहारों पर जलने वाली झालरें (Fairy Lights)। 2. समानांतर/पार्श्वक्रम संयोजन (Parallel Circuit) सभी प्रतिरोधों के एक सिरे को एक बिंदु पर तथा दूसरे सिरों को दूसरे बिंदु पर जोड़ा जाता है। विशेषता: प्रत्येक शाखा पर विभवान्तर समान रहता है। प्रत्येक शाखा में बहने वाली धारा अलग-अलग होती है। तुल्य प्रतिरोध सूत्र: \frac{1}{R} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} + \frac{1}{R_3} + \dots दैनिक उपयोग: घरों की घरेलू वायरिंग (ताकि एक उपकरण बंद करने पर दूसरा चलता रहे)। 4. विद्युत धारा के प्रभाव और उनके अनुप्रयोग (Applications) (क) ऊष्मीय/तापीय प्रभाव (Heating Effect) जब किसी उच्च प्रतिरोध वाले तार से धारा बहती है, तो वह गर्म हो जाता है। प्रमुख अनुप्रयोग: विद्युत हीटर / गीजर / प्रेस: इनमें नाइक्रोम (Nichrome) का तार प्रयोग होता है (उच्च गलनांक व उच्च प्रतिरोध)। विद्युत बल्ब: इसमें टंगस्टन (Tungsten) का फिलामेंट होता है। विद्युत फ्यूज: सुरक्षा उपकरण, जिसका तार टिन और सीसे के मिश्रधातु से बनता है (निम्न गल...

प्रकाश एवं प्रकाश यंत्र

Image
 अध्याय: प्रकाश एवं प्रकाशिक यंत्र (कक्षा 8 - यूपी बोर्ड) 1. प्रकाश (Light) परिभाषा: प्रकाश ऊर्जा का एक रूप है, जो हमारी आँखों को दृष्टि संवेदना प्रदान करता है (जिसकी सहायता से हम वस्तुओं को देख पाते हैं)। प्रकाश के गुण: प्रकाश सरल रेखा (सीधी रेखा) में गमन करता है। निर्वात में प्रकाश की चाल 3 \times 10^8 मीटर/सेकंड होती है। जब प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है, तो अपने मार्ग से विचलित हो जाता है। 2. प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light) परिभाषा: जब प्रकाश की किरण एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में प्रवेश करती है, तो वह दोनों माध्यमों के पृथक्कारी तल पर अपने मूल मार्ग से विचलित हो जाती है। इस घटना को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं। अपवर्तन के नियम: विरल माध्यम से सघन माध्यम (जैसे वायु से काँच/जल): आपतित किरण अभिलंब की ओर झुक जाती है। सघन माध्यम से विरल माध्यम (जैसे काँच/जल से वायु): आपतित किरण अभिलंब से दूर हट जाती है। दैनिक जीवन में अपवर्तन के उदाहरण: पानी में रखी पेंसिल या छड़ का मुड़ा हुआ दिखाई देना। पानी से भरी बाल्टी की तली का ऊपर उठा हुआ प्रतीत...

फसल तथा उत्पादन क्लास8

Image
🌾 फसल उत्पादन एवं प्रबंधन — कक्षा 8 विज्ञान 1. फसल क्या है? एक ही प्रकार के पौधों को बड़े क्षेत्र में एक साथ उगाया जाता है, तो उसे फसल (Crop) कहते हैं। उदाहरण: गेहूँ, चावल, मक्का, चना, सरसों आदि। याद रखें एक क्षेत्र + एक ही प्रकार के पौधे + बड़े पैमाने पर खेती = फसल 2. फसलों के प्रमुख प्रकार भारत में फसलों को मुख्यतः दो ऋतुओं के आधार पर बाँटा जाता है। 🌧️ खरीफ फसल वर्षा ऋतु में बोई जाती है और सामान्यतः सितंबर-अक्टूबर के आसपास काटी जाती है। उदाहरण: धान मक्का सोयाबीन कपास मूँगफली ❄️ रबी फसल सर्दी के मौसम में बोई जाती है और सामान्यतः मार्च-अप्रैल में काटी जाती है। उदाहरण: गेहूँ चना मटर सरसों अलसी ट्रिक खरीफ = बारिश रबी = ठंड 3. कृषि पद्धतियाँ फसल उगाने के लिए किसान कई क्रमिक कार्य करता है। मुख्य क्रम: मिट्टी तैयार करना → बुवाई → खाद/उर्वरक → सिंचाई → खरपतवार नियंत्रण → कटाई → भंडारण इसे कृषि की प्रमुख पद्धतियाँ कहा जाता है। 4. मिट्टी की तैयारी फसल उगाने से पहले मिट्टी को तैयार किया जाता है। इसके तीन मुख्य कार्य हैं: 1. जुताई (Ploughing) मिट्...

दिव्यांगता क्लास8

Image
 दिव्यांगता — कक्षा 8 के लिए संपूर्ण नोट्स 1. दिव्यांगता क्या है? जब किसी व्यक्ति में लंबे समय तक रहने वाली शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक या इंद्रिय संबंधी कठिनाई हो और उसके कारण उसे समाज में अन्य लोगों के समान कार्य करने या भाग लेने में बाधाओं का सामना करना पड़े, तो इसे दिव्यांगता (Disability) कहा जाता है। «महत्वपूर्ण: दिव्यांगता व्यक्ति की क्षमता को समाप्त नहीं करती। उचित सहयोग, शिक्षा, तकनीक और अनुकूल वातावरण मिलने पर दिव्यांग व्यक्ति अपनी क्षमताओं का प्रभावी उपयोग कर सकता है।» भारत में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों और समान अवसरों की रक्षा करता है। यह अधिनियम 19 अप्रैल 2017 से लागू हुआ। --- 2. दिव्यांगता के प्रमुख प्रकार RPwD Act, 2016 में 21 निर्दिष्ट दिव्यांगताओं का उल्लेख है। A. शारीरिक दिव्यांगता इसमें शरीर की गति या शारीरिक कार्यों से संबंधित कठिनाइयाँ शामिल होती हैं। उदाहरण: - गतिविषयक दिव्यांगता - प्रमस्तिष्क घात (Cerebral Palsy) - बौनापन - पेशीय दुर्विकास/मस्कुलर डिस्टॉफी - कुष्ठ रोग से ठीक हुए व्यक्ति - तेजाबी आक्रमण से प्रभावित व्यक्ति B. द...