प्रकाश एवं प्रकाश यंत्र


 अध्याय: प्रकाश एवं प्रकाशिक यंत्र (कक्षा 8 - यूपी बोर्ड)

1. प्रकाश (Light)

परिभाषा: प्रकाश ऊर्जा का एक रूप है, जो हमारी आँखों को दृष्टि संवेदना प्रदान करता है (जिसकी सहायता से हम वस्तुओं को देख पाते हैं)।

प्रकाश के गुण:

प्रकाश सरल रेखा (सीधी रेखा) में गमन करता है।

निर्वात में प्रकाश की चाल 3 \times 10^8 मीटर/सेकंड होती है।

जब प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है, तो अपने मार्ग से विचलित हो जाता है।

2. प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light)

परिभाषा: जब प्रकाश की किरण एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में प्रवेश करती है, तो वह दोनों माध्यमों के पृथक्कारी तल पर अपने मूल मार्ग से विचलित हो जाती है। इस घटना को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं।

अपवर्तन के नियम:

विरल माध्यम से सघन माध्यम (जैसे वायु से काँच/जल): आपतित किरण अभिलंब की ओर झुक जाती है।

सघन माध्यम से विरल माध्यम (जैसे काँच/जल से वायु): आपतित किरण अभिलंब से दूर हट जाती है।

दैनिक जीवन में अपवर्तन के उदाहरण:

पानी में रखी पेंसिल या छड़ का मुड़ा हुआ दिखाई देना।

पानी से भरी बाल्टी की तली का ऊपर उठा हुआ प्रतीत होना।

तारों का टिमटिमाना।

3. लेंस (Lenses)

परिभाषा: दो वक्र पृष्ठों अथवा एक समतल और एक वक्र पृष्ठ से घिरे हुए समांगी पारदर्शी माध्यम को लेंस कहते हैं।

लेंस मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:

(क) उत्तल लेंस (Convex Lens)

पहचान: यह बीच में मोटा तथा किनारों पर पतला होता है।

प्रकृति: इसे अभिसारी लेंस (Converging Lens) भी कहते हैं, क्योंकि यह अपने से गुजरने वाली प्रकाश की किरणों को एक बिंदु पर एकत्रित (अभिसारित) करता है।

प्रतिबिम्ब: वास्तविक व उल्टा (विशेष स्थिति में आभासी व सीधा)।

(ख) अवतल लेंस (Concave Lens)

पहचान: यह बीच में पतला तथा किनारों पर मोटा होता है।

प्रकृति: इसे अपसारी लेंस (Diverging Lens) कहते हैं, क्योंकि यह किरणों को फैला (अपसारित कर) देता है।

प्रतिबिम्ब: सदैव आभासी, सीधा और वस्तु से छोटा बनता है।

4. प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण एवं इन्द्रधनुष (Dispersion & Rainbow)

वर्ण-विक्षेपण (Dispersion of Light):

जब सूर्य का श्वेत प्रकाश किसी प्रिज्म से होकर गुजरता है, तो वह अपने अवयवी सात रंगों में विभाजित हो जाता है। इस घटना को प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण कहते हैं।

सात रंग (VIBGYOR / बैनीआहपीनाला):

बैंगनी (Violet)

जामुनी (Indigo)

नीला (Blue)

हरा (Green)

पीला (Yellow)

नारंगी (Orange)

लाल (Red)

नोट: लाल रंग का विचलन सबसे कम तथा बैंगनी रंग का विचलन सबसे अधिक होता है।

इन्द्रधनुष (Rainbow):

वर्षा के बाद आकाश में दिखाई देने वाला सुंदर वृत्ताकार रंगीन चाप इन्द्रधनुष कहलाता है।

कारण: वर्षा के बाद हवा में लटकी पानी की सूक्ष्म बूँदें छोटे प्रिज्म की तरह कार्य करती हैं। जब सूर्य का प्रकाश इन बूँदों पर पड़ता है, तो अपवर्तन, पूर्ण आंतरिक परावर्तन और वर्ण-विक्षेपण के कारण इन्द्रधनुष बनता है।

इन्द्रधनुष सदैव सूर्य की विपरीत दिशा में बनता है।

5. प्रकाशिक यंत्र (Optical Instruments)

वे यंत्र जो प्रकाश के परावर्तन या अपवर्तन के सिद्धांत पर कार्य करते हैं और हमें अत्यंत छोटी या दूर की वस्तुओं को स्पष्ट देखने में मदद करते हैं, प्रकाशिक यंत्र कहलाते हैं।

1. सूक्ष्मदर्शी (Microscope)

सरल सूक्ष्मदर्शी: इसमें कम फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस लगा होता है। इसका उपयोग छोटी वस्तुओं (जैसे घड़ी के पुर्जे, हथेली की रेखाएं) को बड़ा देखने के लिए किया जाता है।

संयुक्त (यौगिक) सूक्ष्मदर्शी: इसमें दो उत्तल लेंस होते हैं—

अभिदृश्यक लेंस (Objective lens): जो वस्तु की ओर होता है (छोटा द्वारक व कम फोकस दूरी)।

नेत्रिका लेंस (Eyepiece lens): जो आँख की ओर होता है।

उपयोग: रक्त कणिकाओं, जीवाणुओं एवं कोशिकाओं जैसी अति सूक्ष्म संरचनाओं को देखने में।

2. खगोलीय दूरदर्शी (Telescope)

इसका उपयोग दूर स्थित आकाशीय पिंडों (जैसे चंद्रमा, तारे, ग्रह) को स्पष्ट देखने के लिए किया जाता है।

इसमें भी दो उत्तल लेंस होते हैं (अभिदृश्यक लेंस बड़े द्वारक व अधिक फोकस दूरी का होता है)।

3. मानव नेत्र (Human Eye)

मानव नेत्र एक प्राकृतिक प्रकाशिक यंत्र है।

नेत्र में एक लचीला उत्तल लेंस (क्रिस्टलीय लेंस) होता है।

वस्तु का वास्तविक एवं उल्टा प्रतिबिम्ब आँख के दृष्टि-पटल (Retina) पर बनता है।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Quick Revision):

अपवर्तनांक: किसी माध्यम में प्रकाश की चाल और निर्वात में प्रकाश की चाल का अनुपात।

फोकस बिंदु (F): मुख्य अक्ष के समांतर आने वाली किरणें अपवर्तन के पश्चात जिस बिंदु पर मिलती हैं (उत्तल लेंस) या मिलती हुई प्रतीत होती हैं (अवतल लेंस)।

निकट दृष्टि दोष: अवतल लेंस के चश्मे से ठीक किया जाता है।

दूर दृष्टि दोष: उत्तल लेंस के चश्मे से ठीक किया जाता है।

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