जीव जगत 6
सजीवों के प्रमुख लक्षण (Characteristics of Living Beings)
सजीवों में जीवन को बनाए रखने और अपनी प्रजाति को आगे बढ़ाने के लिए कुछ विशिष्ट जैविक प्रक्रियाएं होती हैं:
- कोशिकीय संरचना (Cellular Structure): सभी सजीव एक या अनेक कोशिकाओं से बने होते हैं।
- पोषण (Nutrition): ऊर्जा प्राप्त करने और जैविक क्रियाएं चलाने के लिए भोजन ग्रहण करना (जैसे पौधों में प्रकाश-संश्लेषण, जंतुओं में विषमपोषी पोषण)।
- श्वसन (Respiration): भोजन से रासायनिक ऊर्जा मुक्त करने के लिए गैसों का विनिमय और कोशिकीय स्तर पर ऑक्सीकरण।
- उपापचय (Metabolism): शरीर के भीतर चलने वाली रासायनिक क्रियाओं (अपचय और उपचय) का योग।
- वृद्धि और विकास (Growth and Development): आंतरिक रूप से आकार, भार और कोशिकाओं की संख्या में अपरिवर्तनीय वृद्धि।
- संवेदनशीलता एवं उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया (Sensitivity / Response to Stimuli): बाह्य वातावरण (ताप, प्रकाश, स्पर्श आदि) को महसूस करना और प्रतिक्रिया देना (जैसे छुई-मुई का सिकुड़ना)।
- प्रजनन (Reproduction): अपनी जैसी संतति उत्पन्न करके वंश परंपरा बनाए रखना।
- उत्सर्जन (Excretion): शरीर में बने हानिकारक या अपशिष्ट पदार्थों (यूरिया, कार्बन डाइऑक्साइड आदि) को बाहर निकालना।
- निश्चित जीवन चक्र एवं मृत्यु (Life Cycle and Death): जन्म, परिपक्वता, वृद्धावस्था और अंततः मृत्यु।
सजीव और निर्जीव में अंतर
| लक्षण / आधार | सजीव (Living Beings) | निर्जीव (Non-Living Things) |
|---|---|---|
| कोशिकीय संगठन | कोशिकाओं से बने होते हैं। | कोशिकाओं से नहीं बने होते (अणुओं/कणों के ढेर होते हैं)। |
| पोषण एवं ऊर्जा | जीवित रहने के लिए भोजन और ऊर्जा की आवश्यकता होती है। | पोषण या भोजन की आवश्यकता नहीं होती। |
| श्वसन | ऊर्जा उत्पादन के लिए श्वसन क्रिया अनिवार्य है। | श्वसन नहीं करते। |
| वृद्धि | आंतरिक एवं जैविक रूप से कोशिकाओं के विभाजन से होती है। | वृद्धि अनुपस्थित होती है (बाहरी कण जमने से आकार बढ़ सकता है, आंतरिक नहीं)। |
| प्रजनन | अपनी संतति उत्पन्न करने में सक्षम होते हैं। | प्रजनन क्षमता नहीं होती। |
| उद्दीपन के प्रति प्रतिक्रिया | स्पर्श, ताप, प्रकाश आदि पर प्रतिक्रिया देते हैं। | कोई संवेदनशीलता या प्रतिक्रिया नहीं होती। |
| उत्सर्जन | अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालते हैं। | उपापचय न होने से उत्सर्जन की आवश्यकता नहीं होती। |
| जीवन चक्र | निश्चित जीवन चक्र होता है और अंत में मृत्यु होती है। | कोई निश्चित जीवन चक्र या प्राकृतिक मृत्यु नहीं होती। |
कोशिका क्या होती है? (What is a Cell?)
कोशिका (Cell) सभी सजीवों की संरचनात्मक (Structural) और कार्यात्मक (Functional) इकाई है।
- संरचनात्मक इकाई: जिस तरह ईंटों से दीवार और मकान बनता है, उसी प्रकार कोशिकाओं से ऊतक, अंग और पूरा शरीर बनता है।
- कार्यात्मक इकाई: जीवन की सभी मूलभूत क्रियाएं (श्वसन, ऊर्जा निर्माण, प्रोटीन संश्लेषण) स्वतंत्र रूप से एक कोशिका के भीतर संपन्न हो सकती हैं।
- खोज: रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) ने 1665 में कॉर्क के टुकड़े में मृत कोशिका की खोज की थी, जबकि एंटोनी वॉन ल्यूवेनहॉक ने पहली बार जीवित कोशिका को देखा।
सबसे छोटी और सबसे बड़ी कोशिका
- सबसे छोटी कोशिका: माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma gallisepticum / PPLO)
- आकार: लगभग 0.1 से 0.3 माइक्रोमीटर (\mu\text{m})।
- यह एक जीवाणु-समान जीव है जिसमें कोशिका भित्ति (Cell Wall) नहीं पाई जाती।
- सबसे बड़ी कोशिका: शुतुरमुर्ग का अंडा (Ostrich Egg Cell)
- आकार: लगभग 15 से 17 सेमी लंबा और 13 सेमी चौड़ा।
- यह एकल (Single) कोशिका का सबसे बड़ा प्राकृतिक उदाहरण है।
दोनों में मुख्य अंतर
| आधार | सबसे छोटी कोशिका (माइकोप्लाज्मा) | सबसे बड़ी कोशिका (शुतुरमुर्ग का अंडा) |
|---|---|---|
| जीव प्रकार | प्रोकैरियोटिक सूक्ष्मजीव (जीवाणु समूह)। | यूकैरियोटिक एकल अंड कोशिका (पक्षी)। |
| माप | लगभग 0.1 - 0.3 माइक्रोमीटर (\mu\text{m})। | लगभग 15 - 17 सेंटीमीटर (\text{cm})। |
| दृश्यता | केवल इलेक्ट्रॉन/अल्ट्रा-माइक्रोस्कोप से देखी जा सकती है। | बिना किसी लेंस या सूक्ष्मदर्शी के नग्न आंखों से स्पष्ट दिखाई देती है। |
| संगठन | सरल, झिल्ली-बद्ध अंगक (Organelles) और केंद्रक झिल्ली अनुपस्थित। | पूर्ण विकसित यूकैरियोटिक कोशिका जिसमें भारी मात्रा में पोषक पीतक (Yolk) संचित होता है। |




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